म़ूढ़ीवाले का इंसाफ का तराजू
राहुल मिश्र रोशनी से जगमगाते महानगर में ढिबरी के सहारे दुकान चलानेवाले मूढ़ीवाले चाचा के हम कायल हैं. शाम के वक्त नाश्ते के लिए जब दफ्त...
waahzindagi.blogspot.com वाह! जिंदगी....: जीवन के अनुभवों व उससे जुड़ी कहानियों को साझा करने का एक माध्यम है । यहां उन कहानियों को जगह दी जाती है, जिसमें कहीं न कहीं जीवन का यथार्थ, मर्म, भावनाएं और प्रेरणा निहित हो ।
राहुल मिश्र रोशनी से जगमगाते महानगर में ढिबरी के सहारे दुकान चलानेवाले मूढ़ीवाले चाचा के हम कायल हैं. शाम के वक्त नाश्ते के लिए जब दफ्त...